मैच फ़िक्सिंग 2000 – Match fixing 2000

मैच फ़िक्सिंग 2000 - Match fixing 2000 - Part 10

9 May 2020

अब इस केस में नए नए मैच फिक्सिंग मामले बताने की बात आयी।कुछ साफ़ तो नहीं था परन्तु जिस का जो मन कहता वो किसी भी मैच को मैच फिक्स के नाम से जोड़ देता।इस पर अब आगे क्या हुआ वो बताते है।

1. भारत के खेल मंत्री ने चंद्रचूड़ कमेटी की रिपोर्ट को संसद में पेश किया और इस पर पूरी संसद की सहमति बनी के इस की अच्छी तरह से जांच हो और जो भी इस में शामिल हो उसको सजा दी जाये।
2. दिल्ली हाई कोर्ट ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड और दिल्ली क्रिकेट बोर्ड को कहा के वो कोर्ट को जवाब दे के यह सब चल क्या रहा है और इस केस में कुछ साफ़ साफ़ क्यों नहीं कहा जा रहा।यह बात होना इस बात का संकेत थी के दिल्ली हाई कोर्ट इस केस में जिस प्रकार से कारवाई हो रही थी उस से खुश नहीं थी।कोर्ट का कहना था के इस केस में बहुत कुछ छुपाया जा रहा है।
3. खिलाड़ियों के बाद अब मैच फिक्सिंग पर अंपायर भी बोलने लगे।साउथ अफ्रीका के दो अंपायरों ने कहा के उसे पैसे के पेशकश हुई थी।अंपायर ने यह साफ़ करते हुए कहा के 1996 में पाकिस्तान में हुई टेस्ट सीरीज के समय उनके आगे पैसे का प्रस्ताव रखा गया था।
4. 1998 की बात को आगे लाते हुए कहा गया के,1998 में दुबई की एक कंपनी ने मोहम्मद अजहरुद्दीन को कार दी थी,क्यों? इस बात को मैच फिक्सिंग का हिस्सा माना गया।
5. साउथ अफ्रीका के अधिकारी अली बाकर ने कहा के अगर मैच फिक्सिंग में खिलाडी शामिल हो सकते है तो अंपायर क्यों नहीं।उन्होंने इस बात को साफ़ करते हुए कहा के उन्हें अंपायरों पर भी शक है क्योंकि कुछ मैच ऐसे हुए है यहाँ खिलाडी नहीं अंपायर मैच ही हार का कारण बने है।उन्होंने 1999 के वर्ल्ड कप के मैचों में भी मैच फिक्सिंग की बात कही।

अब इस मैच फिक्सिंग में यह नई मुसीबत थी क्योंकि खिलाडी तो मैच फिक्सिंग में शामिल थे परन्तु अंपायरों का भी इस में शामिल होना खतरे की घंटी थी।भले ही यह माना ही जा रहा था यह बात अभी सच नहीं थी, परन्तु अगर मान ले मैच फिक्सिंग में अंपायर भी शामिल हो तो क्या होगा।इस अंक में इतना ही आगे केस को जारी रखेंगे।

मैच फ़िक्सिंग 2000 - Match fixing 2000 - Part 9

12 April 2020

अब इस केस में क्रिकेटर,बोर्ड अधिकारी और फ़िल्मी जगत के नाम मैच फिक्सिंग में आने के बाद उन पर कारवाई की बात सामने आने लगी,यह बात तो पहले भी कही जा रही थी परन्तु इस केस में सब कुछ धीरे धीरे सामने आ रहा था।चलिए आगे क्या हुआ इस केस में वो बताते है।

1. मोहम्मद अजहरुद्दीन ने हर बार पूछे जाने पर यही कहा के उस का मैच फिक्सिंग और उनको करने वालो के साथ कोई नाता नहीं है।
2. साउथ अफ्रीका के एक बल्लेबाज़ ने यह साफ़ कर दिया के 1996 में भारत के टूर के समय उनको मैच हारने के लिए पैसे की पेशकश हुई थी।हर खिलाडी को 2 लाख डालर से ऊपर की रकम देने की बात हुई थी।
3. जब इस केस में भारत के फिल्म जगत का नाम आया था तबसे किशन कुमार को पकड़ने की बात हो रही थी।इस में पुलिस को कामजाबी हासिल हुई और किशन कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया।उस पर पुलिस के आगे पेश न होने का और मैच फिक्सिंग में शामिल होने के आरोप लगे।
4. इस केस में जो कुछ सामने आ रहा था उसके चलते क्रिकट प्रेमी निराश थे और इसी बीच मुंबई में हैंसी क्रोन्ये के विज्ञापन करने की तस्वीर पर किसी व्यक्ति ने कालक लगा दी।यह बात इस बात को साफ़ कर रही थी के क्रिकेट प्रेमी अब गुस्से में है।
5. दिल्ली में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिंद्रा ने एक बड़ी बात कहते हुए कहा के बोर्ड का एक बड़ा अधिकारी इस में शामिल है और वो बड़ी गड़बड़ियों का हिस्सा है। उन्होंने डालमिया पर भी बात कहते हुआ कहा के वो भी इस समय मैच फिक्सिंग में फसे हुए है।यह बात कहना कोई छोटी मोती बात नहीं थी क्योंकि डालमिया आई सी सी बोर्ड के अधिकारी थे।

इस केस में इतने बड़े नाम आना एक चिंता का कारण था क्योंकि अगर बोर्ड के अधिकारी भी मैच फिक्सिंग में शामिल होंगे तो पीछे क्या रह जायेगा।इस अंक में इतना ही आगे केस को जारी रखेंगे।

मैच फ़िक्सिंग 2000 - Match fixing 2000 - Part 8

10 April 2020

अब आगे इस केस में आई सी सी और दूसरे देश मैच फिक्सिंग पर बोलने लगे।अब यह दिखाई दे रहा था के मैच फिक्सिंग पर सब देश अपना पक्ष पेश करना चाहते है।चलिए देखते है आगे इस केस में क्या हुआ।

1. पाकिस्तान ने मैच फिक्सिंग को मानते हुए कहा के हो सकता है पाकिस्तान के खिलाडी मैच फिक्सिंग में शामिल हो क्योंकि बहुत से मैच पाकिस्तान जान बूझकर हारा है।इस का साफ़ मतलब था के पाकिस्तान बोर्ड यह मानता था के पाकिस्तान के खिलाडी मैच फिक्सिंग कर रहे है।
2. साउथ अफ्रीका की तरफ से एक अहम खुलासा करते हुए कहा गया के 1996 के भारत टूर के समय उन्हें मैच हारने के लिए पैसे की पेशकश हुयी थी।बहुत बार पैसे ज्यादा बताकर मैच हारने के बारे में कहा गया,परन्तु साउथ अफ्रीका की टीम ने ऐसा करने से मना कर दिया।
3. जब मैच फिक्सिंग मैचों की बात हुयी थी तो बहुत से मैचों के नाम लिए गए थे,उन में एक नाम टाइटन कप का फाइनल मैच था।इस मैच में सचिन तेंदुलकर को मैच फिक्सिंग का हिस्सा बताया जा रहा था।सचिन ने इन सब बातो को गलत कहते हुए कहा के उसका मैच फिक्सिंग से कोई नाता नहीं है।
4. आई सी सी ने इस मैच फिक्सिंग पर बात करना ज़रूरी समझते हुए सभी टेस्ट खेलने वाले देशो को और जो टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलते परन्तु वन डे क्रिकेट खेलते है उन देशो के प्रबंधकों को बैठक के लिए बुलाया।
5. हैंसी क्रोन्ये को मैच फिक्सिंग के चलते कप्तानी से तो हटाया ही गया था अब साउथ अफ्रीका के ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका टूर से भी बाहर कर दिया गया।यह बात होते ही यह साफ़ हो गया था के हैंसी क्रोन्ये का क्रिकेट जीवन अब समाप्त है।
6. जब यह मैच फिक्सिंग चर्चा हो रही थी उस समय भारत के सूचना प्रसारण मंत्री अरुण जेटली ने कहा के ऑस्ट्रेलिया ने जिस तरह से मार्क वॉ और शेन वॉर्न विवाद को दबाया है वो भी कोई अच्छी बात नहीं है।इस बात में भी कोई बात तो ज़रूर छुपी है, नहीं तो ऑस्ट्रेलिया बोर्ड ऐसा क्यों करता।

अब इस केस में नई नई बातें आनी लगी और क्या क्या हो रहा था इन सब से सब हैरान थे।इस अंक में इतना ही आगे केस को जारी रखेंगे।

मैच फ़िक्सिंग 2000 - Match fixing 2000 - Part 7

9 April 2020

अब आगे इस केस में जब कुछ देशो का नाम आने लगा तो सभी देश एक दूसरे के विरुद्ध हो गए कोई भी यह मानने को तैयार नहीं था के उनका देश मैच फिक्सिंग में शामिल है।इन सब बातो के बीच इस केस में आगे क्या हुआ वो आपको बताते है।

1. अली बाकर ने मैच फिक्सिंग की जो बात भारतीय महादीप से जोड़ कर कही थी उसकी आलोचना होनी शुरू हो गयी।इस पर यह कहा जा रहा था के साउथ अफ्रीका अब भी हैंसी क्रोन्ये को इस सब में शामिल नहीं समझता।
2. मैच फिक्सिंग की बात शुरू होते ही भारत के खेल मंत्री ने चंद्रचूड़ कमेटी बनाई थी जिस को इन सब बातो के पीछे क्या सच है वो बताना था।
3. इन सब बातो के बीच भारत के खेल मंत्री ने एक बड़ी बात यह कही के वो खिलाड़ियों की जांच करवाना चाहते है के खिलाड़ियों के पास इतना पैसा कहा से आया,और चंद्रचूड़ कमेटी को कहा गया के वो इस की जांच कर जल्द से जल्द रिपोर्ट को सरकार के आगे पेश करे।
4. शारजाह का नाम भी मैच फिक्सिंग में आने लगा।यह बात सुनते ही शारजाह बोर्ड ने कहा के शारजाह मैच फिक्सिंग का हिस्सा नहीं है।
5. बोर्ड के एक अध्यक्ष ने कहा के उसने एक बार शारजाह में भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए मैच को फिक्स बताया था परन्तु बोर्ड ने उसकी बात नहीं मानी।हुआ यह था के उस मैच को फिक्स बताते हुए यह कहा गया था के भारत की टीम इस मैच में 187 तक का स्कोर बनाएगी और हुआ भी वही।
6. साउथ अफ्रीका बोर्ड ने यह मान लिया हैंसी क्रोन्ये पर कानूनी कारवाई होनी चाहिए और क्या सच है इस को सब के आगे लाना चाहिए।
7. इन सब बातो के बीच इंग्लैंड से एक ऐसी खबर आई के सब हैरान हो गए।इंग्लैंड के ही एक क्रिकेटर ने यह खुलासा किया के इंग्लैंड टीम के तीन खिलाडी मैच फिक्सिंग में शामिल है।

यह बातें अब दूसरे देशो से आने लगी थी और मैच फिक्सिंग हो रही है यह माना जा रहा था।इस अंक में इतना ही आगे केस को जारी रखेंगे।

मैच फ़िक्सिंग 2000 - Match fixing 2000 - Part 6

8 April 2020

अब इस केस में साउथ अफ्रीका के कप्तान हैंसी क्रोन्ये से आगे सोचा जा रहा था और इन सब में और कौन कौन शामिल है उनको आगे लाने की बातें ज़ोर पकड़ रही थी।चलिए इस अंक में आगे क्या हुआ यह जानने की कोशिश करते है।

1. जब इस केस में भारतीय फिल्मो के अभिनेता किशन कुमार का नाम आया था तब यह समझा गया था यह कड़ी बहुत लम्बी है।इस के चलते दिल्ली पुलिस ने किशन कुमार से जांच पड़ताल शुरू की।
2. किशन कुमार ने कहा के वो इस मैच फिक्सिंग में शामिल नहीं है और न ही उसकी संजीव से कोई जान पहचान है।उसने अपने आपको निर्दोष बताया।
3. साउथ अफ्रीका की सरकार ने भारत का साथ देने से इन्कार करते हुए कहा के वो हैंसी क्रोन्ये को इस केस के चलते जब कभी दिल्ली पुलिस आने के लिए कहेगी वो हैंसी क्रोन्ये को भारत नहीं भेजेगी।
4. दूसरी तरफ साउथ अफ्रीका का मीडिया हैंसी क्रोन्ये के साथ नहीं था।न्यूज़ चैनेलो ने हैंसी क्रोन्ये की खूब आलोचना की और कहा के वो इस केस में शामिल था परन्तु समय समय पर अपने आपको निर्दोष कहता रहा।मीडिया ने कहा के हैंसी क्रोन्ये ने बहुत दिन पूरी दुनिया को बेवकूफ बनाया।
5. अली बाकर ने यह तो मान लिया के हैंसी क्रोन्ये मैच फिक्सिंग में शामिल था,अब इस के आगे अली बाकर ने यह कहा के यह मैच फिक्सिंग साउथ अफ्रीका की नहीं पूरे क्रिकेट के लिए समस्या बन गयी है।अली बाकर ने कहा के इस मैच फिक्सिंग की शुरवात साउथ अफ्रीका जा हैंसी क्रोन्ये से नहीं हुयी,यह बीमारी तो भारतीय महादीप से ही आई है।
6. ऑस्ट्रेलिया ने मैचों में मैच फिक्सिंग होने का कारण आई सी सी को माना और कहा के आई सी सी ने कभी इस तरफ ध्यान ही नहीं दिया।उनका कहना था के यह आई सी सी की जिम्मेदारी थी के वो समय समय पर देखते के कोई मैच फिक्सिंग जैसी बात तो नहीं हो रही।
7. इन सब के बीच इंग्लैंड के एक खिलाडी ने एक और खुलासा किया और कहा के 1996 के वर्ल्ड कप में उनकी टीम को मैच हारने के लिए पैसे की पेशकश हुयी थी और वो मैच था पाकिस्तान के विरुद्ध।

अब इस केस में कुछ और देश भी बोलने लगे और जो बातें कभी नहीं कही थी वो अब सबके सामने आने लगी।इस अंक में इतना ही आगे केस को जारी रखेंगे।

मैच फ़िक्सिंग 2000 - Match fixing 2000 - Part 5

7 April 2020

अब इस केस में नया मोड़ आने वाला था,इस अंक में जो कुछ हुआ उसने साउथ अफ्रीका और कप्तान हैंसी क्रोन्ये को बहुत बड़े खतरे में डाल दिया।चलिए इस अंक को शुरू करते है।
1. इस केस के शुरू होते ही साउथ अफ्रीका के डायरेक्टर अली बाकर ने कहा था के यह केस झूठा है।अब जब केस में कुछ लोग पकड़े जाने लगे तो साउथ अफ्रीका के डायरेक्टर अली बाकर ने एक गलती कर दी।
2. अली बाकर ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर यह कह दिया के हैंसी क्रोन्ये ने माना है के उसने अब तक जो कहा है वो सही नहीं है सच्चाई इस के उलट है।अली बाकर ने कहा के हैंसी क्रोन्ये ने माना है के कुछ मैचों की जानकारी के लिए उसने पैसा लिया है।
3. यह बात सुनते ही साउथ अफ्रीका बोर्ड ने हैंसी क्रोन्ये को साउथ अफ्रीका टीम से निकाल दिया और शॉन पोलक को नया कप्तान बना दिया।
4. इस के बाद साउथ अफ्रीका बोर्ड ने खुद कुछ मैचों पर शक जाहिर किया,जिन में मैच फिक्सिंग होने की बात कही जाने लगी।
5.साउथ अफ्रीका ने जिन मैचों पर शक जाहिर किया वो यह थे
1996 में हुआ टाइटन कप का फाइनल,1996 में हुआ बैनेफिट मैच,1999 वर्ल्ड कप में हुआ साउथ अफ्रीका बनाम ज़िम्बाब्वे मैच,1999 वर्ल्ड कप का वो मैच जिसमें हर्शल गिब्स ने स्टीव वॉ का कैच छोड़ा था, 2000 में साउथ अफ्रीका बनाम इंग्लैंड टेस्ट,2000 में ही हुआ शारजाह का एक मैच। यह सब मैच मैच फिक्सिंग के शक के घेरे में आ गए।अब इन में कितनी सच्चाई थी यह ही पता करना था।
6. अली बाकर ने एक और बात कही के हैंसी क्रोन्ये ने माना है के उसे 10000 से 15000 डालर मिले है और बाद में हैंसी क्रोन्ये ने कहा के उसने कोई पैसा नहीं लिया।
7. यहाँ हैंसी क्रोन्ये ने अपने आप के बारे में तो कुछ नहीं कहा परन्तु उसने कहा के हर्शल गिब्स,निकी बोए,हेनरी विलियम्स और पीटर स्ट्रायडम यह सब इस मैच फिक्सिंग में शामिल नहीं है।
8. दिल्ली पुलिस ने इतनी बातें होने के बाद कहा के सच सबके सामने आ गया है क्योंकि हैंसी क्रोन्ये के ऊपर जो आरोप लगे थे वो अब सच साबित हो गए है।
9. दूसरी तरफ साउथ अफ्रीका टीम के कोच ने कहा के यह सब झूठ है और साउथ अफ्रीका टीम को बदनाम किया जा रहा है।उस ने कहा के वो इन सब बातो पर विश्वास नहीं करता।

इतनी बातें होने के बाद यह तो माना गया के मैचों में मैच फिक्सिंग हो रही है और क्रिकेट में बहुत कुछ गलत हो रहा है।अब इस के आगे मैच फिक्सिंग की तह तक जाने की बात होने लगी।इस अंक में इतना ही आगे केस को जारी रखेंगे।

मैच फ़िक्सिंग 2000 - Match fixing 2000 - Part 4

6 April 2020

अब इस केस में आरोपो का सिलसिला शुरू होने के बाद अब कारवाई करने का समय आ गया था। चलिए शुरू करते है आगे इस केस में क्या हुआ।

1. जब यह मैच फिक्सिंग की बात शुरू हुयी थी तो सबसे ज्यादा बड़ी बात संजीव चावला और दक्षिण अफ्रीका के कप्तान हैंसी क्रोन्ये के बीच हुई टेलीफोन की बातचीत की टेप के बारे में हुयी थी।अब दिल्ली पुलिस को संजीव चावला को गिरफ्तार करने की प्रक्रिया को पूरा करना था और मुज़रिम को पकड़ना था।
2. संजीव चावला तब भारत में नहीं था और उसको लंदन में ढूंढा गया।वहाँ पुलिस को संजीव चावला मिल गया और इस केस को शुरू करने वाला मोहरा अब पुलिस के हाथ में था।
3. जैसे हर मुज़रिम अपने आप को दोषी नहीं कहता वही हुआ संजीव चावला के केस में भी,संजीव चावला ने अपने आप को निर्दोष बताया और कहा के वो इस मैच फिक्सिंग का हिस्सा नहीं है।
4. दूसरी तरफ यह मामला और भी गंभीर होने लग गया क्योंकि जब मैच फिक्सिंग की बात शुरू हुयी थी तो मनोज प्रभाकर ने कहा था के मोहम्मद अजहरुद्दीन इस में शामिल है।मोहम्मद अजहरुद्दीन ने इस बात को कानून में लेकर जाने का फैसला कर लिया और कहा के वो मनोज प्रभाकर पर कानूनी कारवाई करेगा,क्योंकि यह उसपर इलज़ाम लगाया जा रहा है।
5. दिल्ली पुलिस ने इस केस में साउथ अफ्रीका के किसी व्यक्ति का हाथ होने की बात कही और कहा के संजीव चावला की तरह वहाँ भी मैच फिक्सिंग का कोई हिस्सा है।
6. दिल्ली में साउथ अफ्रीका के हाई आयुक्त (कमिश्नर) ने भारत के विदेश मत्रालय को मिलकर साउथ अफ्रीका की तरफ से इस सारे केस के बारे में विरोध प्रकट किया और कहा के साउथ अफ्रीका टीम को बदनाम किया जा रहा है।

अब इस केस में बातें खुलनी शुरू हो गयी थी बस अब ज़रूरत थी के कहा कहा मैच फिक्सिंग की बात कही जा रही है वो बात कही जाए।इस अंक में इतना ही आगे केस को जारी रखेंगे।

मैच फ़िक्सिंग 2000 - Match fixing 2000 - Part 3

5 April 2020

इस केस को अब शुरू करने का समय आ गया था।दिल्ली पुलिस और भारत सरकार अब इस केस पर जो कहना चाहती थी वो अब कहने लगी।पहले आपने जो पढ़ा उस के आगे इस केस में क्या हुआ वो बताना शुरू करते है।

1. यह केस दिल्ली पुलिस ने बनाया था तो अब सबसे पहले उन्होंने ही कुछ कहना था।दिल्ली पुलिस ने इस बात को भारत से नहीं इस के उलट इंग्लैंड से शुरू किया।दिल्ली पुलिस ने कहा के जब 1999 का क्रिकेट वर्ल्ड कप हुआ उस के एक मैच पर पुलिस को शक है और वो है साउथ अफ्रीका बनाम ज़िम्बाब्वे।
2. यह बात कहते ही सभी तरफ उस मैच की चर्चा शुरू हो गयी क्योंकि उस मैच में साउथ अफ्रीका ज़िम्बाब्वे से हारा था।दिल्ली पुलिस का कहना था के वो मैच फिक्स था।
3. साउथ अफ्रीका की सरकार अपनी टीम का बचाव कर रही थी और तरह तरह की बातें कह रही थी, परन्तु उस बात को काटते हुए भारत सरकार ने यह कहा के हमने साउथ अफ्रीका सरकार को इन आरोपो की जानकारी पहले ही दे दी थी।
4. साउथ अफ्रीका के बोर्ड और सरकार ने भारत के विदेश मत्रालय को कहा के हमें वो टेप रिकॉर्डिंग दी जाये जिस के बारे में भारत की दिल्ली पुलिस दावा करती है।साउथ अफ्रीका की सरकार का कहना था के वो इस बात पर अपनी तरफ से भी जाँच पड़ताल करना चाहते है।
5. जबसे यह आरोप लगने शुरू हुए उस समय से लेकर अब तक साउथ अफ्रीका की टीम की तरफ से कोई बात नहीं हुयी थी।दिल्ली पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में हैंसी क्रोन्ये,हर्शल गिब्स,निकी बोए को पेश किया और जो कहना है वो कहने के लिए कहा।
6. हैंसी क्रोन्ये,हर्शल गिब्स,निकी बोए ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपो को गलत बताया और मैच फिक्सिंग का हिस्सा न होने की बात कही।
7. इन सब बातो के बीच दिल्ली पुलिस का साथ देने के बजाए भारत के क्रिकेट बोर्ड के एक अधिकारी ने यह कह दिया के यह सब कुछ गलत है कोई मैच फिक्सिंग नहीं हो रही और दिल्ली पुलिस इस बात को साबित करने में नाकाम रहेगी।

यह थी इस केस की कुछ बड़ी बातें जो अब आरोपो के रूप में सामने आने लगी थी।इस अंक में इतना ही आगे केस को जारी रखेंगे।

मैच फ़िक्सिंग 2000 - Match fixing 2000 - Part 2

4 April 2020

पहले अंक को आगे बढ़ाते हुए इस केस में आगे क्या हुआ उस पर चर्चा शुरू करते है।

1. जब यह मैच फिक्सिंग की बात भारत की मीडिया के आगे अंतरराष्ट्रीय मीडिया में पहुंची तो यह चर्चा और भी बड़ी हो गयी।सभी तरफ मीडिया ने इस बात की तह तक जाने की बात कही।मीडिया का कहना था के इस केस को बीच में ख़तम नहीं करना है और जो भी सच्चाई है वो सबके सामने आनी चाहिए और जो भी दोषी है उसको सजा मिलनी चाहिए।
2. जब यह केस शुरू हुआ उसी समय भारत में कुछ चैरिटी मैच खेलने का प्रोग्राम बना हुआ था।इस केस के शुरू होते ही उन मैचों को रद्द करने की बात होने लगी और बाद में यह मैच रद्द कर दिये गए।
3. जब मैच फिक्सिंग में साउथ अफ्रीका के क्रिकेटरों की बात आने लगी तो साउथ अफ्रीका का मीडिया भी इस पर बोलने लगा।साउथ अफ्रीका के मीडिया ने अपनी टीम को गलत न कहते हुए कहा के यह मैच फिक्सिंग तो एशिया की टीमों की संस्कृति है इस में साउथ अफ्रीका जैसे देश का हाथ कभी नहीं हो सकता।इस बात में यह साफ़ दिखाई दे रहा था के साउथ अफ्रीका वाले इस केस की सच्चाई को जानना ही नहीं चाहते थे।
4. साउथ अफ्रीका की सरकार भी इस मामले में अपनी टीम का बचाव करने के लिए आ गयी।साउथ अफ्रीका के बोर्ड और सरकार ने यह कहा के वो भारत सरकार से इस बात पर बात करेंगे के किस आधार पर उन्होंने साउथ अफ्रीका टीम के खिलाड़ियों के फ़ोन टेप किए।इस बात से यह साफ़ दिखाई दे रहा था के यह मामला अब बहुत बहस वाला होने वाला था।
5. मनोज प्रभाकर ने जो बात पहले कही थी वो हमने पहले अंक में आपके सामने रखी थी।उस बात को आगे बढ़ाते हुए मनोज प्रभाकर ने एक बड़ी बात कह दी।मनोज प्रभाकर ने कहा के मोहम्मद अजहरुद्दीन मैच फिक्सिंग में शामिल है।प्रभाकर ने कहा के मैने पहले भी मैच फिक्सिंग की बात कही थी।
6. इस केस में एक नया मोड़ तब आया जब भारतीय फिल्म जगत का भी नाम इस में आने लगा।भारतीय फिल्मो के अभिनेता किशन कुमार का नाम भी मैच फिक्सिंग में आने लगा।इस बात का जब किशन कुमार को पता लगा तो वो बीमारी का बहाना बनाकर अस्पताल में दाखिल हो गया।

इस प्रकार इस केस में अब और भी नाम आने शुरू हो गए और मैच फिक्सिंग हो रही थी यह बात सच होती दिखाई देने लगी।इस अंक में इतना ही आगे केस को जारी रखेंगे।

मैच फ़िक्सिंग 2000 - Match fixing 2000 - Part 1

3 April 2020

मैच फिक्सिंग – यह अंक 2000 में हुए मैच फिक्सिंग के ऊपर है और इस में क्या क्या हुआ उस पर हम चर्चा करने वाले है।इस मैच फिक्सिंग की शुरवात कब हुई यह तो पता नहीं है परन्तु 2000 में जब दिल्ली पुलिस ने दक्षिण अफ्रीका के कप्तान हैंसी क्रोन्ये को गिरफ्तार किया तो उस के बाद यह मैच फिक्सिंग शब्द सब तरफ शोर सा मचाने लगा।जब यह सब शुरू हुआ उस समय साउथ अफ्रीका की टीम भारत के टूर पर थी।उसके बीच दिल्ली पुलिस ने भारत और साउथ अफ्रीका के बीच होने वाली वन डे सीरीज को फिक्स बताया और कहा के उनके पास इस के सबूत है के यह मैच फिक्स है और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में क्या हो रहा है इस के पीछे क्या सच है और कौन कौन शामिल है इस पर जाँच पड़ताल करना चाहते है।

इस के बाद ही यह मामला शुरू हुआ और इतना लम्बा चला के क्रिकेट पर और क्रिकेट में क्या कुछ हो रहा उस की सभी बातें सामने आने लगी।चलिए इस अंक को अब शुरू करते है और देखते है कौन क्या कह रहा था।

1. दिल्ली पुलिस ने दक्षिण अफ्रीका के कप्तान हैंसी क्रोन्ये,हर्शल गिब्स,निकी बोए,हेनरी विलियम्स और पीटर स्ट्रायडम को मैच फिक्सिंग का हिस्सा बताते हुए कहा के भारत के साथ होने वाली वन डे सीरीज के मैच फिक्स है और इन पर धोकाधड़ी और बेईमानी के साथ एफआईआर दर्ज़ की।
2. इस बात पर दिल्ली पुलिस ने भारत के एक व्यापारी को भी गिरफ्तार किया।
3. इस बात को आगे बढ़ाते हए दिल्ली पुलिस ने संजीव चावला नाम के एक व्यक्ति को इस का मुख्य आरोपी बताया और कहा के दिल्ली पुलिस के पास संजीव चावला और दक्षिण अफ्रीका के कप्तान हैंसी क्रोन्ये के बीच हुई टेलीफोन की बातचीत की टेप है।इस बात ने पूरे क्रिकेट जगत को चिन्ता में डाल दिया।
4. जब इस बात की खबर साउथ अफ्रीका के क्रिकेट बोर्ड को लगी तो,साउथ अफ्रीका के डायरेक्टर अली बाकर ने इन सब आरोपो को गलत बताया और कहा के भारत की पुलिस साउथ अफ्रीका के खिलाड़ियों पर गलत आरोप लगा रही है और साउथ अफ्रीका बोर्ड अपने खिलाड़ियों के साथ है।
5. जब यह बात मीडिया और टीवी में आई तो पूरे भारत में इस की आलोचना शुरू हो गयी।भारत के पूर्व खिलाडी भी इस पर बोलने लगे।मनोज प्रभाकर ने कहा के इस पूरे मामले की अच्छी तरह से जांच होनी चाहिए और क्या सच है और क्या गलत इस को सबके आगे लाना चाहिए।

यह था इस केस का पहला अंक यही से शुरू हुआ था क्रिकेट में मैच फिक्सिंग के आरोपो का सिलसिला।अब आगे क्या हुआ यह अगले अंक में बताते है।