मैच फ़िक्सिंग 2000 – Match fixing 2000 – Season 3

मैच फ़िक्सिंग 2000 – Match fixing 2000 – Season 3,Part 22

Aug 30,2020

इस अंक में आगे जो हुआ उस को बताना शुरू करते है।

1. इतनी बातें हो रही थी तो इन बातो का असर भारत की क्रिकेट पर तो होने ही था।जब इस मामले में कपिल देव का नाम आने लगा तब तो इस में और भी मुश्किलें आने लगी जिस पर भारत के स्टार खिलाडी सौरव गांगुली ने कहा के इन बातो के चलते एशिया कप में खेलना बहुत ही मुश्किल होने वाला है।इस बात से साफ़ पता चल रहा था के भारत की टीम मैच फिक्सिंग केस के चलते दबाव में थी।
2. पाकिस्तान में भी मैच फिक्सिंग केस में कुछ कम नहीं हो रहा था।जस्टिस कय्यूम की रिपोर्ट में पाकिस्तान के खिलाडी दोषी पाए गए और अब बात यह हो रही थी के पाकिस्तान बोर्ड उन पर कार्रवाई नहीं कर रहा था।इस बात को खुद पाकिस्तान के एक खिलाडी ने सब के सामने कहा के पाकिस्तान का बोर्ड दोषी खिलाड़ियों को बचा रहा है।
3. आई एस बिंद्रा का इस केस में बहुत नाम है इस लिए समय समय पर बिंद्रा कोई न कोई बयान देते ही रहते थे।बिंद्रा ने सी बी आई से कहा के लेले के ऑफिस के ऊपर कार्रवाई करनी चाहिए क्योंकि वहा मैच फिक्सिंग के सबूत समाप्त किए जा रहे है।बिंद्रा का कहना था के सी बी आई लेले पर सख्ती करे और वहा से मिलने वाले सबूतों को इकट्ठा करे।
4. इन बातो के बीच खुद आई एस बिंद्रा पर इल्जाम लग गया और यह इल्जाम पेप्सी के साथ हुए प्रायोजक अनुबंध के बारे में था।मामला 25 करोड़ के ऊपर हुए प्रायोजक अनुबंध का था जिस में कहा गया के बोर्ड को 15 करोड़ के करीब नुक्सान हुआ है।
5. बिंद्रा पर अगला इल्जाम यह लगा के वो शारजाह की क्रिकेट को बुरा क्यों कह रहा है क्योंकि जब बिंद्रा शारजाह में मेहमान बनकर जाता है तो शारजाह में उसका बहुत सन्मान किया जाता है इस लिए बिंद्रा को उस सन्मान को देखते हुए कुछ सोच कर बोलना चाहिए।
6. साउथ अफ्रीका क्रिकेट बोर्ड को लगने लगा के मैच फिक्सिंग में साउथ अफ्रीका का इतना बड़ा नाम होना साउथ अफ्रीका की क्रिकेट की बदनामी का कारण है।इस लिए साउथ अफ्रीका बोर्ड ने कहा के जिस मैच में मैच फिक्सिंग सही साबित हो गई उस मैच को क्रिकेट की गिनती से बाहर कर देना चाहिए।
7. इस बीच एक खबर इंग्लैंड से आयी।इंग्लैंड के भूतपूर्व प्रधान मंत्री जान मेजर को आई सी सी ने कोड ऑफ आयोग का अध्यक्ष बनाने का फैसला किया परन्तु जब इस मामले के बारे में जान मेजर से बात हुई तो उन्होंने अध्यक्ष बनने से मना कर दिया।
8. दूसरी तरफ कपिल देव भी इस मामले में लगातार जुड़े हुए थे,इस लिए कपिल भी समय समय पर कुछ कहते रहते थे।कपिल ने कहा के मैच फिक्सिंग केस में किसी भी मैच को फिक्सिंग की नजर से देखा जा रहा है।अगर कोई खिलाडी जल्दी आउट हो जाता है तो माना जाता है के यह मैच फिक्स होगा।कपिल का कहना था के अब हर एक मैच और खिलाडी को फिक्सिंग के साथ जोड़ा जा रहा है जो क्रिकेट के लिए अच्छा नहीं है।

केस में बार बार इल्जाम ही लग रहे थे कही यह कहा जा रहा थे के कार्रवाई सही नहीं हो रही और कही कार्रवाई की ही नहीं जा रही।इतना कुछ होना क्रिकेट को पूरी दुनिया में बुरा बनाता जा रहा था।इस अंक में इतना ही आगे केस को जारी रखेंगे।

मैच फ़िक्सिंग 2000 – Match fixing 2000 – Season 3,Part 21

Aug 17,2020

इस अंक में आगे जो हुआ उस को बताना शुरू करते है।

1. तीसरे सीजन को शुरू करते हुए सबसे पहले बात करते है दूरदर्शन के बारे में,प्रसार भारती ने यह साफ़ कर दिया के पिछले कुछ सालो में दूरदर्शन ने जितने भी क्रिकेट को दिखाने के अधिकार ख़रीदे है उन के साथ जुड़े जितने भी मसले है उन सब की जांच एक कमेटी को सौंप दी जाएगी।इस बात के होने से यह साफ़ हो गया के टीवी के अधिकार बेचने में कोई गलती ज़रूर हुई होगी जिस के बारे में बार बार बात उठ रही थी।
2. वेस्टइंडीज में एक नया मसला बना जो दो महान खिलाड़ियों के बीच देखने को मिला,और यह मसला था टॉस का।बात को शुरू से बताते है,विव रिचर्ड्स ने एक इंटरव्यू में क्लाइव लॉयड का नाम लेते हुए यह बात कही के एक बार पाकिस्तान के साथ हुए टेस्ट मैच में पाकिस्तान के कप्तान ने टॉस जीतने के बावजूद टॉस हारने की जिद पकड़ ली।रिचर्ड्स ने कहा के यह बात खुद क्लाइव लॉयड ने उसे बताई।भले ही यह बात कोई बड़ी बात नहीं थी परन्तु मैच फिक्सिंग के केस के चलते किसी भी कही हुई बात को छोटा नहीं माना जा रहा था।
3. जब रिचर्ड्स की कही हुई इस बात के बारे में क्लाइव लॉयड को पता चला तो क्लाइव लॉयड ने कहा के ऐसी कोई भी बात उसने रिचर्ड्स को बताई ही नहीं।यह बात कहना क्लाइव लॉयड के ज़रूरी भी था क्योंकि इस के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता था के इस मसले को किस नज़र दे देखा जाने वाला था।
4. कपिल देव पर लग रहे आरोप पर खेल मंत्री ने कहा के प्रभाकर अगर कपिल का नाम ले रहा है और सी बी आई को कुछ बता रहा है तो कपिल देव को ज्यादा गुस्सा नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह सिर्फ आरोप है सच क्या है वो पता चलने पर सब कुछ ठीक हो जाएगा।
5. यह केस जगमोहन डालमिया का भी पीछा नहीं छोड़ रहा था और तभी जगमोहन डालमिया के बारे में एक नई बात निकल कर सामने आ गई।यह बताया गया के जगमोहन डालमिया ने आई सी सी का अध्यक्ष बनने के लिए जिस वोट सिस्टम का इस्तेमाल होता है उस में भी पैसे के साथ वोट खरीदे है।रिपोर्ट में साफ़ बताया गया के डालमिया ने वोट लेने के लिए बहुत पैसा खर्चा जिस से खुश होकर उन्हें वोट मिले भी और वो आई सी सी के अध्यक्ष बने भी।
6. इन सब के बीच भारत के क्रिकेट बोर्ड के बीच में से एक बात निकलकर सामने आ गई।बोर्ड ने कहा के जब तक मनोज प्रभाकर भारत की क्रिकेट को बदनाम करना नहीं छोड़ देता और साथ में जो अब तक उसने कहा है उस के बारे में माफ़ी नहीं मांग लेता तब तक बोर्ड उसका बनता हक उसको नहीं देगा।
7. दूसरी तरफ से बात करे तो यह मैच फिक्सिंग का केस शुरू हुआ ही दक्षिण अफ्रीका के कप्तान हैंसी क्रोन्ये से था।यह जितनी और बातें सुनने को मिल रही थी वो सब हैंसी क्रोन्ये के मसले के बाद की है।इस लिए अगर कोई बड़ी बात थी तो वो थी हैंसी क्रोन्ये के मुख से निकलने वाला सच।

इस अंक में भी आरोप ही लगते रहे और यह केस और बड़ा बनता गया। इस अंक में इतना ही आगे केस को जारी रखेंगे।